BREAKING NEWS
Search
NBC News24

हमें अपनी खबर भेजे

Click Here!

Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.

छह वर्ष बाद पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर अपन घर पहु्ंचा जुगराज

15
बूंदी। 6 वर्ष तक पाकिस्तान की कराची जेल में अमानवीय यातनाए झेलने के बाद आखिरकार बूंदी के जाखमुंड पंचायत के रामपुरिया गांव निवासी जुगराज भील आज सकुशल अपने घर पहुंच गया। बूंदी पहुंचने के बाद  जुगराज सबसे पहले युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा व तालेड़ा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष जगरूप सिंह रंधावा के साथ खोजा गेट गणेश मंदिर पहुंचा जहाँ गणेश जी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया । इसके बाद जुगराज सभी के साथ जिला कलेक्ट्रेट स्थित नॉलेज पार्क पहुंचा। जहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बूंदी पहुंचने पर जुगराज से जब पत्रकारों ने पूछा कि कहां जाओगे तो जुगराज ने बरधा बांध जाने की इच्छा जताई। सबसे बड़ी बात ये रही कि सब कुछ भूल चुके जुगराज को अपने माता पिता का नाम याद रहा। जुगराज ने कचोरी खाने की इच्छा जताई । जिसके बाद उसे कचोरी लाकर खिलाई गई । जब जुगराज को छोटे भाई चेतराम से मिलाया गया तो वह उसे भी नहीं पहचान पाया। इसके बाद चर्मेश शर्मा व जगरूप सिंह रंधावा जुगराज को लेकर भाई बाबूलाल ,चेतराम के साथ  रामपुरिया के लिए रवाना हो गयेे। डाबी थाना क्षेत्र के दुर्गम रास्ता को पार करते हुए जुगराज का काफिला जब रामपुरिया गांव पहुंचा। जहाँ जुगराज के माता-पिता के साथ पुरा गांव पलक पावडे बिछा कर अपने जुगराज का इंतजार करता हुआ नजर आया। गांव पहुंचने पर जैसे ही जुगराज गाड़ी से उतरा सभी ने हमारा जुगराज आ गया हमारा जुगराज आ गया के नारे लगाये, जुगराज के माता पिता भी दौड़कर गाड़ी के पास पहुंचे जहां माता पाना बाई ने जैसे ही अपने बेटे को गले लगाया उस मंजर को देख सभी की आंखों में आंसू आ गए । जुगराज भी एक टक टकी लगाए अपनी मां को देखता रहा।  जुगराज के माता पिता की आंखों में आंसू थे तो दूसरी ओर बेटे के आने की खुशी भी । मां व बुआ जुगराज से लिपट लिपट कर रोई। इसके बाद सभी ने जुगराज का माला पहनाकर स्वागत किया। गांव वालों ने सरपंच हंसराज बंजारा के नेतृत्व में जुगराज के साथ आए युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा ,तालेड़ा ब्लॉक अध्यक्ष  जगरूप सिंह रंधावा, उप प्रधान रघु शर्मा,तहसीलदार श्रीकांत व्यास,सब इंस्पेक्टर नंद सिंह, भागीरथ शर्मा, का माला पहनाकर स्वागत किया । इसके बाद  जुगराज  के माता पिता ने  जुगराज से बात की ।उसे उसकी  पूर्व की बातें याद दिलाई ।जिसके बाद जुगराज के चेहरे पर पहली बार हंसी दिखाई दी । वह कुछ पहचान नहीं पा रहा था लेकिन पहचानने की कोशिश कर रहा था।  उसके मन ही मन यह जरूर पता था कि मैं अपने गांव  पहुंच चुका हूं ।अब मुझे किसी प्रकार का कोई डर नहीं है। जुगराज के बहन भाई भंवरलाल, बाबूलाल ,प्रेम बाई ,गंगाराम, चेतराम ,लॉर्ड बाई भी अपने भाई से मिलकर बहुत खुश नजर आये। इसके बाद जुगराज को उसकेेेे घर ले जाया गया जहां उसकी माँ पाना बाई ने बेटे की तिलक लगाया वह आरती उतारी । इसके बाद मैंने अपने जिगर के टुकड़े को गोद में सुला कर खूब लाढ किया। इस अवसर पर जितेंद्र दाधीच,मनीष मीणा,सत्यनारायण गुर्जर,रमेश बाबर,रामप्रसाद मेहरा,आदि भी मौजूद रहे।



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »