बालिकाओं के लिए पेरेंटस एवं टीचर्स के बाद पुलिस तीसरी सच्ची दोस्त है-पुलिस कमिश्नर

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बालिकाओं के लिए पेरेंटस एवं टीचर्स के बाद पुलिस तीसरी सच्ची दोस्त है
-पुलिस कमिश्नर

जयपुर 22 नवम्बर । पुलिस कमिश्नर संजय अग्रवाल ने कहा कि बालिकाओं के लिए पेरेंटस एवं टीचर्स के बाद पुलिस तीसरी सच्ची दोस्त है। बालिकाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए जयपुर पुलिस कटिबद्ध है।
पुलिस कमिश्नर आज गुरूवार को रविन्द्र मंच पर पुलिस कमिश्नरेट एवं एनजीओं इनाया फाउन्डेषन के संयुक्त तत्वावधान में बालिकाओं के लिये गुड टच व बेड टच पर आयोजित कार्यषाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मैं आज बालिकाओं के उत्साह को देखकर अभिभूत हूॅं। उन्होंने कहा कि जिस घर में लड़कियां पैदा होती है वहां भगवान की सबसे बड़ी कृपा होती है। कार्यशाला में बालिकाओं ने अपने अनुभव शेयर किये तो इस बारे में कमिष्नर ने कहा कि बालिका मंच पर आकर खड़ी होती है और अपने अनुभव सबके सामने बताती है तो इससे बढ़कर कोई बहादुरी व साहसिक कार्य नहीं हो सकता है। उन्होंने बालिकाओं की बहादुरी व साहस की प्रषंसा की।
अग्रवाल ने कहा कि हमारे समाज में लड़की एवं लड़के में फर्क किया जाता है। यह फर्क हमारे बडे़-बुजुर्ग ही शुरू करते हैं हमें बडे़-बुजुर्गो को भी यह बताना होगा की लड़के एवं लड़की में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने एक कहानी के माध्यम से 13 वर्ष 11 माह की तेलंगाना राज्य की बालिका मालावत पूर्णा की एवरेस्ट पर चढा़ई करने एवं विष्व में कीर्तिमान स्थापित करने के साहसिक कार्य के बारे में बताया।
श्री अग्रवाल ने कहा कि छेड़छाड़ के 99 प्रतिषत मामलों में यह सामने आया है कि छेड़छाड़ परिचित व्यक्ति ही करते है। कोई भी यदि आपको गलत तरीके से छूये तो सबको बताये और उसे लज्जित करें तथा उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें। जयपुर के गांधीनगर महिला थाने के बारे में कहा कि यहाँ सारा स्टाफ महिलायें ही है। इसमें महिलायें बिना झिझक के अपने समस्या बता सकती है। कमिष्नरेट में बालिकाओं की सुरक्षा के लिये गठित की गयी लेड़ी पुलिस पेट्रोल यूनिट एवं महिला सुरक्षा एप के बारे में भी जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) तेजस्वनी गौतम ने कार्यशाला का शुभारम्भ सरस्वती की प्रतिमा के सामने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यषाला में उपस्थित सभी का स्वागत करते हुये पुलिस उपायुक्त ने कहा कि बालिकाओं महिलाओं और आमजन के लिये पुलिस हमेषा उनके साथ है। हमारा ध्येय सदैव पुलिस आपकी सुरक्षार्थ है। इस ध्येय पर पुलिस पूर्णरूप से कायम है। बच्चों के मन में पुलिस के प्रति डर की भावना नहीं होनी चाहियें। पुलिस बच्चों की सहायता के लिये है। बच्चे कभी भी गलत काम नहीं करते है बच्चों को पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। सभी इस कार्यशाला से बहुत कुछ सीखकर जायेंगे।
कार्यषाला में एनजीओ इनाया फाउंडेशन टच व बेड़ टच के बारे में बालिकाओं के साथ संवाद किया और कहा कि यह एक पहल है आज के समय में गुड टच व बेड़ टच के बारे में जानकारी देना सभी के लिये आवष्यक है।में एनजीओ इनाया रे में बालिकाओं के साथ संवाद किया और कहा कि यह एक पहल है आज के समय में गुड टच व बेड़ टच के बारे में जानकारी देना सभी के लिये आवष्यक है। बच्चे अपने मन की पीडा़ को अन्दर ही दबा लेते है उसे बाहर नहीं निकालते है अतः उन्हें जागरूक किया जाना आवष्यक है। समझ स्पर्ष की, सीखेंगे बच्चे, तभी तो समझेंगे बच्चे। यह माता बहनों का काम, बच्चों को दें स्पर्ष का ज्ञान। बच्चों को समझाओ जी, गलत स्पर्ष से बचाओं जी जैसे श्लोगन भी प्रदर्षित किये गये थे।
पुलिस कमिष्नर ने इनाया फाउन्डेशन द्वारा तैयार किया गया हँसती हुयी बालिका के पोस्टर का विमोचन किया और कहा की यह पोस्टर जयपुर पुलिस के ट्विटर, फेसबुक पर अपलोड किया जायेगा तथा कमिष्नरेट परिसर में भी लगाया जायेगा।
कार्यषाला में जयपुर के 125 राजकीय विधालयों की 750 बालिकाओं ने भाग लिया। कार्यशाला में अपने अनुभव शेयर करने वाली बालिकाओं सहित सभी बालिकाओं को उपहार दिये गये। कार्यषाला में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रथम श्री नितिनदीप ब्लग्गन, पुलिस उपायुक्त पूर्व श्री गौरव यादव सहित पुलिस अधिकारी, पुलिसकर्मी एवं इनाया फाउन्डेशन के प्रतिनिधि सहित जयपुर के विद्यालयों की बालिकाऐं एवं शिक्षिकाऐं उपस्थित थी।




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