BREAKING NEWS
Search
NBC News24

हमें अपनी खबर भेजे

Click Here!

Your browser is not supported for the Live Clock Timer, please visit the Support Center for support.

भाजपा और मोदी के लिए पांच मुद्धे ऐसे है,..जो बन सकते है उनके लिए चुनौती..

30

जयपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा पार्टी के मन में खुशी की लहर छा गई है। बीजेपी पार्टी को बाहरी मतों से लोकसभा चुनाव जीतने से बीजेपी कार्यकर्ताओं के मन में खुशी का माहौल पैदा हो गया है। देश की करोडों जनता का कहना है, कि लोकसभा चुनाव से पहले ही अंदाजा लगा लिया गया था, कि इस बार भाजपा पार्टी को ही अधिक बहुमत प्राप्त होगा।
लोकसभा चुनाव जीतने के बाद मोदी सरकार नें अपना दुसरा कार्यकाल शुरू कर दिया है। और यह भाजपा का अपने आप में एक ऐतिहासिक बहुमत प्राप्त कर भाजपा पार्टी और मोदी सरकार के द्वारा कई धारणाओं को भी तोडा गया है। रिपोर्टो के अनुसार कहा जा रहा था कि देश में बढती बेरोजगारी और नोटबंदी , जीएसटी से निश्चित तौर पर मोदी और उनकी पार्टी को जीतने में मुश्किल हो सकती है। लेकिन चुनावी नतीजों को देखते हुए इसका कोई असर नहीं पडा है। इसलिए भाजपा पार्टी पहले से भी ज्यादा मतों से जीत हासिल की है।
नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव जीतने से पहले ही यह बात कहां थी, कि 2022 तक भारत के किसानों की आय दौ गुनी हो गायेगी। उनका कहना है कि अब इस कार्यकाल में इस वादे को पूरा करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा जीतने के बाद किसानों के सामने पांच मुद्धे और उठाये गये थे। और इन पांच मुद्धो की वजह से पार्टी मुश्किल में पड सकती है। आपको बता दे कि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले जम्मू कश्मीर में कहा था, कि जम्मू कश्मीर से जुडी धारा 370 को खत्म कर दिया जाएगा । और वहीं 2014 के घोषणा में भी यह वादा किया था कि देश के गरीब किसानों की सरकार द्वारा सहायता की जायेगी। और महिला आरक्षण लागू करने की बात भी सरकार ने चुनावों के समय पर कहा था, और इसके लिए संविधान में संशोधन करने की बात भी कहीं गयी थी ।
चुनावी रिपोर्टो के आधार पर सूचित किया जा रहा है, कि भारत के पूर्वी राज्यों में भरतीय जनता पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन राष्ट्रीयता का एक मुद्धा इसका एक अहम कारण बताया जा रहा है। कई विश्लेषकों का मानना है कि भारत में अवैध घुसपैठ के मामलों का प्रमुखता से निवारण किया गया था। इस स्थति से पार्टी को चुनावी फायदा भी मिल सकता है। लेकिन अब उसको यह फायदा आने वाले कार्यकाल में मुश्किल पड सकता है।




Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »