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राजस्थान उच्च न्यायालय ने झालाना लेपर्ड सफारी में लगाई जाने वाली गाडियों को लेकर दिया नोटिस

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जयपुर, राजस्थान उच्च न्यायालय ने झालाना लेपर्ड सफारी में लगायी जाने वाली बैटरी संचालित वाहनों के टेंडर प्रकरण में हुए घोटाले पर नोटिस जारी कर राज्यसरकार महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड और उप वन संरक्षक जयपुर चिड़ियाघर, सुदर्शन शर्मा से व्यक्तिशः जवाब तलब किया है। वन्यजीव प्रेमी सुनीत जुनेजा ने याचिका में अपने अधिवक्ता अभिनव शर्मा के जरिये न्यायालय को बताया की झालाना लेपर्ड सफारी में सितम्बर 2018 को चार बैट्री संचालित सफारी वाहनों की मांग की गयी थी जिसके लिए बिना किसी प्रक्रिया को अपनाये अपने चहेते लोगो के वाहन लगाए गए

जिन्हें सफारी व जंगल का कोई तजुर्बा नहीं था। पूरी प्रक्रिया लोक उपपन्न अधिनियम की प्रक्रिया अपनाये बिना की गयी। निविदा 14 सितम्बर 2018 को जारी होने के बाद अपने चहेते लोगो को लाभ पहुंचने के लिए नियम व शर्तो को बार बार बदला गया । वाहन निर्माता कम्पनी महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड का एक ईमेल भी न्यायलय के समक्ष रखा गया जिसमे कंपनी के अधिकारी वन विभाग के कहे अनुसार ही उनके चहेते लोगो को वाहन देने की बात स्वीकार कर रहे है। याचिका में बताया गया की याचिकाकर्ता ने भी एक वाहन इस उद्देश्य के लिए बुक करवाया लेकिन याचिकाकर्ता के बाद बुकिंग करवाने वालो को लाभ पहुंचाते हुए वाहन दे दिया गया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अभिनव शर्मा ने न्यायालय को बताया की निविदा सूचना में चार वाहन मांगे गए थे जबकि कुल 6 वाहनों को करार जारी किया गया है खुला भ्रष्टाचार है। याचिका में कहा गया की जयपुर के उप वन संरक्षक चिड़ियाघरों पद पर लगे सुदर्शन शर्मा ने अपने ही चालक के रिश्तेदार के नाम से गाड़ी खरीद कर संचालन में लगा दी इसी प्रकार रसूखदार प्रिया शर्मा, रामफूल चंदेल, दुशयं मल्होत्रा, अशोक कुमार सांखला, मनोज अग्रवाल सहित सुमित सुखीजा को भी प्रभाव के चलते गाड़ी संचालन के लिए करार आवंटन किया गया है। जिस पर न्यायाधीश वीरेंदर सिराधना ने सभी गाड़ी मालिको सहित सुरदर्शन शर्मा उप वन संरक्षक, जयपुर और राजयसरकार से जवाब तालाब कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है।

याचिकाकर्ता की ओर से इस सम्बन्ध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में भी शिकायत दर्ज करवायी गयी है।




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