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लाइलाज़ बीमारी से हुई थी 10वीं के छात्र की मौत, बोर्ड का रिज्लट देखकर हैरान रह गए लोग

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जयपुर, 16 वर्षीय विनायक के 10वी के तीन पेपर में 98% अंक आये है । विनायक श्रीधर सेक्टर – 44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल में 10वी का छात्र था । उसने हाल ही में 10 वी के तीन पेपर दिए थे और चौथे पेपर से पहले ही उसका देहांत हो गया था। विनायक की मृत्यु ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी की वजह से हुई थी ।जब सोमवार को सीबीएसई का रिजल्ट घोषित हुआ तो उसमे विनायक के अंग्रेजी में 100, विज्ञान में 96 और संस्कृत में 97 अंक आये। विनायक कंप्यूटर साइंस और सोशल स्टडीज की परीक्षा नही दे पाया था । विनायक अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनकर दुनिया को देखना चाहते थे । विनायक के आदर्श स्टीफन हॉकिंग थे

विनायक के परिवार में उनके पिता, माता और उनकी बड़ी बहन है । विनायक के पिता श्रीधर जीएमआर कंपनी में वाईस प्रेजिडेंट है । उनकी माँ ममता गृहिणी है । बड़ी बहन वैष्णवी यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया से पई कर रही है । विनायक के पिता ने बताया कि जब विनायक दो साल के थे । तब से विनायक ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी बीमारी नाम के परेशनी से झूझ रहे थे । ये बीमारी लाइलाज़ बीमारी है और ये दुनिया भर में 3500 बच्चो में से किसी एक को होती है ।

श्रीधर बताते है कि जब विनायक 7 साल का हुआ तो उसने चलना छोड़ दिया । व्हील चेयर की वजह से ही विनायक अपना सारा काम करता था । श्रीधर बताते है कि विनायक को पढ़ने लिखने का खूब शोक था । विनायक बड़े होकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते थे ।

विनायक के पिता ने बताया कि विनायक काफी धार्मिक प्रकार के व्यक्ति थे । वह परीक्षा खत्म हो जाने के बाद रामेश्वरम मंदिर जाना चाहता था ।




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